फर्जी वर्दी वालों से सावधान

मुंबई। घाटकोपर पुलिस ने सोमवार को दो ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया था, जो फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लूटपाट करते थे। ऐसे आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आम आदमी कैसे पहचाने कि असली कौन है और नकली कौन। यह पहली घटना नहीं है, जब कुछ लोग पुलिस की वर्दीका इस्तेमाल धौंस जमाने और पैसे ऐंठने के लिए करते पाए गए हैं। इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे नकली पुलिसकर्मी अक्सर लोगों को राह चलते डरा-धमकाकर लूट लेते हैं। हालांकि कभी न कभी इनकी पोल खुलती है और असली पुलिस इन पर कार्रवाई कर सलाखों के पीछे भी भेजती है। इसके वाबजूद मुंबई में इन बहुरूपियों का काम बदस्तूर जारी है। इनमें ईरानी गैंग काफी कुख्यात है। ईरानी गैंग और बहुरूपिया गैंग के फर्जी पुलिसकर्मियों से तो करीब-करीब हर महीने मुंबई पुलिस दो-चार होती है। आम लोग इनके झांसे में आकर मेहनत की कमाई गवां बैठते हैं, जिनमें बुजुर्ग व अकेली महिलाएं सर्वाधिक हैं।
फर्जी पुलिसकर्मी महिलाएं भी हैं
फर्जी पुलिसकर्मी बनकर न सिर्फ पुरुष, बल्कि महिलाएं भी लोगों को ठगती हैं। इनमें पुणे के जुन्नर निवासी 44 वर्षीय भक्ति उर्फ सारिका शिंदे के नाम व कारस्तानी से हर कोई वाकिफ है। सारिका के खिलाफ पुणे, नवी मुंबई, मुंबई, ठाणे व कल्याण समेत विभिन्न पुलिस थानों में हाई प्रोफाइल लोगों से शादी कर उन्हें ब्लैकमेल करने के दर्जनों मामले दर्ज हैं। सूत्रों के मुताबिक, भक्ति पिछले 6 साल से लोगों को ठग रही है। वह लोगों को विश्वास दिलाने के लिए हस्तियों के साथ फोटो खिंचवाकर दिखाती है, फिर बड़े अधिकारियों से बेहतर संबंध का रौब दिखाकर उन्हें झूठे मामलों में फंसाने का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलती है।
 

रिपोर्टर

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