प्रॉपर्टी वेब पोर्टल का रजिस्ट्रेशन जरूरी


 

मुंबई। विज्ञापन से अधिक सुविधाएं देने वाले और एजेंट की तरह व्यवहार करने वाले रियल एस्टेट वेब पोर्टलों को दो महीने के भीतर महाराष्ट्र रियल रेग्युलेटरी अथॉरिटी (महारेरा) में रियल एस्टेट एजेंट के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। अगर वे रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हैं और विज्ञापन से अधिक सुविधाएं देते हुए एजेंट के तौर पर काम करते हुए पाए गए, तो उन पर दंड भी लगाया जा सकता है।

महारेरा के मुताबिक, जो वेब पोर्टल विज्ञापन से अधिक सुविधाएं देते हैं, वे सभी रियल एस्टेट एजेंट के दायरे में आते हैं। मुंबई ग्राहक पंचायत ने महारेरा को एक पत्र लिखकर प्रॉपर्टी वेब पोर्टल की तरफ ध्यान दिलाया था। इस पर संज्ञान लेते हुए महारेरा ने एमसीएचआई-क्रेडाई आदि संस्थाओं से सुझाव मांगा था। साथ ही, वेब पोर्टलों से अपना पक्ष रखने को कहा था। इस पर वेब पोर्टलों ने कहा कि वे महारेरा के नियमों के तहत रियल एस्टेट एजेंट नहीं हैं। वे घर खरीदारों और प्रमोटरों को सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराते हैं। वे प्रिंट मीडिया की तरह सिर्फ विज्ञापन प्रकाशित करते हैं। इस दौरान वेब पोर्टल की तरफ से यह भी कहा गया कि वे घर खरीदारों को बिना शुल्क वसूल किए तुलनात्मक जानकारी देते हैं। वे प्रमोटरों को ऑनलाइन स्पेस देते हैं और सिर्फ उसके लिए शुल्क लेते हैं, इसलिए उनका यह कार्य रेरा के तहत एजेंट के तौर पर नहीं आता है।

मुंबई ग्राहक पंचायत के चेयरमैन शिरीष देशपांडे के मुताबिक, प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जो पोर्टल प्रिंट मीडिया की तरह सिर्फ विज्ञापन प्रकाशित करते हैं, उन्हें महारेरा में पंजीकृत कराना जरूरी नहीं है, लेकिन जो इससे बढ़कर सुविधाएं दे रहे हैं और काम कर रहे हैं, उन्हें दो महीने के भीतर महारेरा के तहत रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।

रिपोर्टर

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